सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा में नियम उल्लंघन की जांच के लिए एसआईटी बनाई
25 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा में जानवरों के आयात समेत कथित नियम उल्लंघनों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया।
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25 अगस्त 2025 को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के जामनगर में स्थित वनतारा, यानी बड़े पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र, में कथित नियम उल्लंघनों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) नियुक्त किया। इस केंद्र का संचालन रिलायंस समूह की सामाजिक शाखा रिलायंस फाउंडेशन करती है और यह अनंत अंबानी से जुड़ा है।
यह आदेश जनहित याचिकाओं के बाद आया, जिनमें जानवरों को हासिल करने और केंद्र तक लाने के तरीके पर सवाल उठाए गए थे, जिनमें विदेश से आयात भी शामिल था। शिकायतों में वन्यजीव संरक्षण कानून, बंदी जानवरों को रखने के नियमों और साइट्स (CITES) के पालन का मुद्दा भी था। साइट्स लुप्तप्राय प्रजातियों के व्यापार को नियंत्रित करने वाला अंतरराष्ट्रीय समझौता है।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता में दल बनाया, जिसमें पूर्व वरिष्ठ न्यायिक, पुलिस और सीमा शुल्क अधिकारी शामिल थे। दल से आरोपों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। यह आदेश इसलिए अहम था क्योंकि इससे देश के सबसे चर्चित निजी वन्यजीव केंद्रों में से एक न्यायिक जांच के दायरे में आया और जानवरों के आयात पर अंतरराष्ट्रीय नजर का आधार बना।
कहानी की टाइमलाइन
वनतारा में जानवरों का आयात और CITES · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



