बाल्टिक सागर में केबल कटे: यूरोप में नाविकों पर केस, मालिक बेफिक्र
सालों से बाल्टिक सागर में एंकर केबल काट रहे हैं, पर कटघरे में जॉर्जिया और भारत के अफसर हैं। आदेश देने वाले मालिकों तक कानून नहीं पहुंच रहा।

सालों से जहाज़ों के एंकर बाल्टिक सागर की तलहटी पर घिसटते हुए केबल तोड़ते आ रहे हैं। लेकिन अदालत में कोई खड़ा होता भी है, तो जॉर्जिया और भारत के ऑफिसर। एक नए विश्लेषण का यही सार है: यूरोप क्रू के पीछे पड़ा है और मालिकों को खुला छोड़ रहा है।
विश्लेषण के मुताबिक, जो लोग बता सकते हैं कि इन जहाज़ों पर आदेश आखिर कौन देता है, उन्हें यूरोपीय एजेंसियों से डरने की ज़्यादा वजह नहीं है।
पहले क्या हुआ था? दिसंबर 2024 में फिनलैंड के अधिकारियों ने टैंकर Eagle S को जब्त किया। उस पर आरोप था कि उसने एंकर घसीटकर फिनलैंड की खाड़ी में Estlink 2 पावर केबल और कई डेटा केबल को नुकसान पहुंचाया। अक्टूबर 2025 में हेलसिंकी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जहाज़ के अफसरों के खिलाफ मामला खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (तट से दूर समुद्री इलाका) में हुई इस घटना पर फिनलैंड का अधिकार-क्षेत्र नहीं बनता।
यानी अब तक का सबसे चर्चित केस बिना फैसले के खत्म हो गया। यूरोप कभी ऐसे जहाज़ों के मालिकों तक पहुंच पाएगा या नहीं, यह सवाल अभी खुला है।
कहानी की टाइमलाइन
बाल्टिक सागर केबल नुकसान और एंकर मुकदमे · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।


