दमिश्क का अब्बासिय्यीन स्टेडियम, कभी खेलों की शान, अब खंडहर
एक जांच के मुताबिक दमिश्क के 30,000 सीटों वाले अब्बासिय्यीन स्टेडियम को सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान सैन्य अड्डे और यातना स्थल में बदल दिया गया था।

कई साल तक दमिश्क का अब्बासिय्यीन स्टेडियम सीरियाई खेलों का दिल रहा। हज़ारों फैंस यहां जमा होकर अपनी टीम का हौसला बढ़ाते थे और इसके मैदान पर खिताबों का जश्न मनता था। आज यह राजधानी के बीचों-बीच मलबे का ढेर है।
स्टेडियम के अधिकारियों और गवाहों के बयानों पर आधारित एक जांच अब बताती है कि युद्ध के दौरान 30,000 सीटों वाले इस परिसर के साथ क्या हुआ।
क्या हुआ?
जांच के अनुसार, 2011 के शुरुआती महीनों में स्टेडियम को टैंकों और भारी हथियारों से लैस टुकड़ियों ने घेर लिया। इसके बाद यह असद सरकार के रिपब्लिकन गार्ड, फ़ोर्थ डिवीज़न और खुफिया इकाइयों का मुख्यालय बन गया।
मैदान और दर्शक दीर्घाओं को फ़ायरिंग पोज़िशन और मोर्टार प्लेटफ़ॉर्म में बांट दिया गया। कुश्ती, मुक्केबाज़ी और जूडो के लिए इस्तेमाल होने वाले इनडोर हॉल ज़मींदोज़ कर दिए गए।
अंदर से सरकारी दस्तावेज़ और ड्यूटी के आदेश मिले। कुछ कमरों में खून के निशान और फांसी की रस्सियां मिलीं, जो जांच के मुताबिक वहां हुई इंसानी पीड़ा की ओर इशारा करती हैं।
यह क्यों मायने रखता है?
अधिकारियों का कहना है कि इस परिसर को आम नागरिकों पर हमलों के सीधे लॉन्च बेस के तौर पर इस्तेमाल किया गया, खासकर पास के जोबर इलाके में। उनके मुताबिक इससे स्थानीय लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए।
उनका यह भी कहना है कि सरकार का विरोध करने वाले खिलाड़ियों को निशाना बनाया गया, गिरफ्तार किया गया और यातना दी गई।
राष्ट्रीय टीम के कुछ पूर्व खिलाड़ी तब से इस जगह लौटे हैं। उन्होंने बताया कि जहां कभी खचाखच भरी दर्शक दीर्घाएं थीं, वहां बैरिकेड, मलबा और तबाही के निशान देखकर वे सदमे में आ गए।
इससे पहले क्या हुआ था?
सीरिया में विद्रोह मार्च 2011 में शुरू हुआ, जब सरकार विरोधी प्रदर्शन दमिश्क तक फैल गए। इसके बाद हिंसक कार्रवाई हुई और देश गृहयुद्ध में धंस गया।
दिसंबर 2024 में विपक्षी बल दमिश्क में दाखिल हुए और बशर अल-असद देश छोड़कर भाग गए, जिससे उनका शासन खत्म हो गया।
कभी शहर की शान रहे इस स्टेडियम पर अब सिर्फ़ युद्ध के काले निशान बचे हैं।
कहानी की टाइमलाइन
युद्ध में तबाह दमिश्क का अब्बासिय्यीन स्टेडियम · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



