ट्रैम्पोलिन विश्व चैंपियनशिप में रूस के दो स्वर्ण, फिर अपने झंडे के साथ
नानजिंग विश्व चैंपियनशिप में रूस के ट्रैम्पोलिन खिलाड़ियों ने दो स्वर्ण और एक रजत जीता, और 2019 के बाद पहली बार राष्ट्रीय झंडे के तहत खेले।

रूस की ट्रैम्पोलिन टीम के लिए चीन में बहुत शानदार दिन रहा: नानजिंग विश्व चैंपियनशिप में दो स्वर्ण और एक रजत। और यह सब राष्ट्रीय झंडे के तहत हुआ, जो खबरों के मुताबिक 2019 के बाद किसी विश्व चैंपियनशिप में नहीं हुआ था।
क्या हुआ?
पुरुषों की डबल मिनी-ट्रैम्पोलिन टीम ने 26 अंकों के साथ स्वर्ण जीता। विजेता टीम में अलेक्सांद्र बुत्को, इल्या पेनकिन, दमियान कोज़मिन और तिमोफ़ेई गोलुबेंको थे।
महिलाओं की एक्रोबैटिक ट्रैक टीम ने भी जीत हासिल की। अलेक्सांद्रा ल्यामिना, येलेना नेइमन, अरीना कालियांद्रा और पोलीना नोवोलोकिना ने 28 अंक बनाए और बेल्जियम व फ्रांस से आगे रहीं।
महिलाओं की डबल मिनी-ट्रैम्पोलिन टीम ने रजत जोड़ा। दरिया तिखोनोवा, येव्गेनिया ज़खारोवा, अलेना कलाश्निकोवा और गालीना बेगिम ने 21 अंक बनाए। अमेरिका 24 अंकों के साथ जीता, और ब्रिटेन ने 20 अंकों के साथ कांस्य लिया।
झंडे का मतलब क्यों है?
रूसी खिलाड़ियों को कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ खेलने से रोका गया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह 2019 के बाद पहली विश्व चैंपियनशिप है जिसमें रूसी टीम अपने झंडे के तहत खेल रही है।
यह गर्मियों की स्थिति से भी बिल्कुल उलट है। जुलाई में टीम पुर्तगाल के कोइंब्रा में विश्व कप के चौथे चरण में नहीं खेली, क्योंकि उसे राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ खेलने की अनुमति नहीं थी।
आगे क्या?
नानजिंग में विश्व चैंपियनशिप 8 नवंबर को खत्म होगी, यानी प्रतियोगिता का एक दिन अभी बाकी है। टीम पहले ही दो स्वर्ण और एक रजत घर ला चुकी है।
कहानी की टाइमलाइन
ट्रैम्पोलिन विश्व चैंपियनशिप में रूस, झंडे के साथ · 2 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



