झंडे पर रोक के कारण रूस ने कोइम्ब्रा में ट्रैम्पोलिन विश्व कप चरण छोड़ा
रूस की ट्रैम्पोलिन टीम ने पुर्तगाल के कोइम्ब्रा में चौथे विश्व कप चरण में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह राष्ट्रीय प्रतीकों का उपयोग नहीं कर सकती थी।
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रूस की ट्रैम्पोलिन जिम्नास्टिक्स टीम ने जुलाई 2026 में पुर्तगाल के कोइम्ब्रा में होने वाले चौथे विश्व कप चरण में हिस्सा न लेने का फैसला किया। वजह एक पाबंदी थी, जिसके तहत रूसी एथलीट अपने राष्ट्रीय झंडे और दूसरे राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते थे।
2022 से, यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद, अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक्स संस्थाओं ने रूसी भागीदारी सीमित कर रखी है। जहां एथलीटों को अनुमति मिली भी, वहां उन्हें आम तौर पर तटस्थ व्यक्तिगत खिलाड़ी के रूप में खेलना पड़ा, यानी बिना झंडे, राष्ट्रगान या राष्ट्रीय रंगों के। रूसी अधिकारी इन शर्तों को कई बार भेदभाव बता चुके हैं और कह चुके हैं कि देश की टीम के लिए ये स्वीकार्य नहीं हैं।
इस फैसले का मतलब था कि रूसी ट्रैम्पोलिन खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय विश्व कप श्रृंखला के एक चरण से गैर-हाज़िर रहे। इस श्रृंखला में एथलीटों को रैंकिंग अंक मिलते हैं और बड़ी चैंपियनशिप से पहले अपनी फॉर्म परखने का मौका भी। इससे यह भी दिखा कि रूस ने तटस्थ दर्जे में खेलना मानने के बजाय दूर रहना बेहतर समझा। यह घटना एक लंबे विवाद का शुरुआती पड़ाव बन गई कि रूसी जिम्नास्ट अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में लौट सकते हैं या नहीं और किन शर्तों पर। यह सवाल बाद में ट्रैम्पोलिन विश्व चैंपियनशिप में चरम पर पहुंचा।
कहानी की टाइमलाइन
ट्रैम्पोलिन विश्व चैंपियनशिप में रूस, झंडे के साथ · 2 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



