बेकर ने ज़्वेरेव को दुनिया का हक़दार नंबर वन कहा, झगड़े के बावजूद
बोरिस बेकर और अलेक्ज़ेंडर ज़्वेरेव सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर तंज़ कस रहे हैं, फिर भी बेकर कहते हैं कि ज़्वेरेव हक़दार नंबर वन हैं और जर्मन टेनिस के लिए सबसे अच्छी बात हैं।

जर्मन टेनिस में नया मोड़: बोरिस बेकर, जिन्हें अभी-अभी अलेक्ज़ेंडर ज़्वेरेव से तीखा जवाब मिला था, अब कहते हैं कि दुनिया के नए नंबर वन ने अपनी जगह कमाई है। दोनों अब भी सार्वजनिक रूप से आमने-सामने हैं। लेकिन बेकर का लहजा साफ़ तौर पर नरम पड़ा है।
बेकर ने क्या कहा?
अख़बार मैन-पोस्ट को दिए इंटरव्यू में तीन बार के विंबलडन चैंपियन ने ज़्वेरेव की मेहनत को उनकी कामयाबी की कुंजी बताया। बेकर ने कहा, "साशा ज़्वेरेव शायद किसी भी दूसरे टेनिस खिलाड़ी से ज़्यादा मेहनत करते हैं। यही उनकी सफलता की वजह है, और इसे जितनी बार कहा जाए कम है।"
उन्होंने ज़्वेरेव की रैंकिंग पर उठी मुख्य आलोचना का भी जवाब दिया। प्रतिद्वंद्वी यानिक सिनर (इटली) और कार्लोस अल्काराज़ (स्पेन) महीनों चोट की वजह से बाहर रहे। बेकर ने कहा, "इसमें उनकी ग़लती नहीं है। तो: बधाई! जर्मन टेनिस के साथ इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता था कि साशा ज़्वेरेव नंबर वन बने।"
झगड़ा किस बात का था?
संक्षेप में: 2 नवंबर को ज़्वेरेव दुनिया के नंबर वन बने, बेकर के दौर के बाद शीर्ष पर पहुँचने वाले पहले जर्मन। तब से टेनिस जगत में बहस है कि वे इसके हक़दार हैं या नहीं। इस साल टॉप-टेन खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ उनका रिकॉर्ड हार वाला है।
पेरिस मास्टर्स में जल्दी बाहर होने के बाद ज़्वेरेव ने इस बहस पर नाराज़गी जताई। उन्होंने बेकर को भी जवाब दिया, जिन्होंने इस पर टिप्पणी की थी कि 2021 के ओलंपिक चैंपियन जर्मनी में इतने लोकप्रिय क्यों नहीं लगते। ज़्वेरेव ने कहा, "मुझे लगता है वे हमेशा की तरह बहुत बकवास कर रहे हैं।" उन्होंने जोड़ा कि बेकर उन्हें नीचा दिखाने का कोई मौक़ा ढूँढते लगते हैं।
बेकर की बड़ी बात
जब पूछा गया कि बेकर के बाद किसी दूसरे जर्मन को नंबर वन बनने में 35 साल क्यों लगे, तो बेकर ने मानसिकता की ओर इशारा किया। उनके मुताबिक़ युवा खिलाड़ियों में अब शायद वैसा जुनून नहीं जो 20 साल पहले था। "सफलता संयोग से नहीं मिलती। इसके लिए बहुत मेहनत, लगन और इच्छाशक्ति चाहिए।"
बेकर के अनुसार युवा प्रतिभाओं को टेनिस के लिए ख़ुद को समर्पित करने की ज़्यादा इच्छा दिखानी होगी। उन्हें जर्मन टेनिस महासंघ (DTB, देश की शीर्ष संचालन संस्था) में कोई ढाँचागत समस्या नहीं दिखती। उनके लिए यह "मानसिकता की समस्या" है।
आगे क्या?
दोनों के बीच माहौल अब भी ठीक नहीं है। इस बार ज़्वेरेव जवाब देंगे या नहीं, यह खुला है। फ़िलहाल एक बात दर्ज है: बेकर कहते हैं कि नंबर वन की जगह हक़ की है।
कहानी की टाइमलाइन
नंबर वन को लेकर बेकर–ज़्वेरेव विवाद · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



