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वेर्डर ब्रेमेन में फुलक्रुग लगातार गोल क्यों कर रहे हैं? स्पोर्ट्स साइंटिस्ट की राय

निकलास फुलक्रुग ने वेर्डर ब्रेमेन के लिए बुंडेसलीगा के लगातार सात मैचों में गोल किया है। एक स्पोर्ट्स साइंटिस्ट के मुताबिक घर जैसा एहसास और ज़िम्मेदारी सबसे अहम हैं।

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Werder Bremen striker Niclas Füllkrug celebrating a goal with teammates in a Bundesliga match.
तस्वीर: ntv.de

बुंडेसलीगा में नौ गोल, कप में तीन, और लगातार सात लीग मैचों में गोल। निकलास फुलक्रुग इस समय जर्मनी के सबसे फ़ॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर हैं। लेकिन इसके पीछे क्या है?

डैनियल मेमर्ट का मानना है कि जवाब कुछ हद तक दिमाग़ में है। वे कोलोन की जर्मन स्पोर्ट यूनिवर्सिटी में इंस्टीट्यूट ऑफ़ ट्रेनिंग साइंस के प्रमुख हैं और पेशेवर फ़ुटबॉल में प्रदर्शन का अध्ययन करते हैं।

क्या हुआ?

33 साल के फुलक्रुग जुलाई में वेर्डर ब्रेमेन लौटे, विदेश में वेस्ट हैम यूनाइटेड और एसी मिलान के साथ मुश्किल दौर के बाद। सीज़न से पहले वेर्डर को रेलिगेशन के दावेदारों में गिना जा रहा था। अब वे पूरी टीम को आगे खींच रहे हैं।

1 नवंबर को उन्हें फिर से जर्मन राष्ट्रीय टीम में बुलाया गया, जबकि कुछ विशेषज्ञ कह चुके थे कि वे बहुत उम्रदराज़ हैं।

वे अभी इतने अच्छे क्यों हैं?

मेमर्ट आराम के कारक की ओर इशारा करते हैं। शोध बताते हैं कि होम एडवांटेज फ़ैन्स से कम और सहज महसूस करने से ज़्यादा आता है। फुलक्रुग ड्रेसिंग रूम, स्टेडियम और स्टाफ़ को जानते हैं। मेमर्ट इसकी तुलना भागदौड़ भरे दिन के बाद अपने घर का दरवाज़ा खोलने के एहसास से करते हैं।

फिर ज़िम्मेदारी है। मेमर्ट के अनुसार अध्ययन दिखाते हैं कि इससे सबसे मज़बूत आंतरिक प्रेरणा मिलती है, यानी वह जोश जो भीतर से आता है। ब्रेमेन में फुलक्रुग टारगेट मैन और क्लब का चेहरा हैं। कोच डैनियल टियूने ने उन्हें यह एहसास दिया है और टीम का खेल उनके इर्द-गिर्द बनाया है।

मेमर्ट उनमें एक लीडर भी देखते हैं। फुलक्रुग साथियों को प्रेरित करते हैं और हालात बिगड़ने पर उन्हें संभालते हैं। मेमर्ट कहते हैं, "वे एक पिता जैसी शख़्सियत हैं," और इसे बहुत अच्छा मानवीय गुण बताते हैं।

और मशहूर "हॉट हैंड" का क्या, यानी फ़ॉर्म में चल रहा खिलाड़ी बस गोल करता ही रहता है? मेमर्ट कहते हैं कि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, इसलिए फुलक्रुग की इस लय को अनुभवजन्य रूप से साबित नहीं किया जा सकता। फिर भी लगातार सफलता का उन पर असर ज़रूर पड़ता होगा।

फुलक्रुग खुद कहते हैं कि वे एक मैच से दूसरे मैच की ओर देखते हैं और किसी भी मैच में गोल करने का लक्ष्य नहीं बनाते। मेमर्ट इसे समझदारी बताते हैं: कम उम्मीदों का मतलब कम दबाव।

आगे क्या?

अगले हफ़्ते फुलक्रुग यर्गेन क्लोप के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय टीम से जुड़ेंगे। मेमर्ट कहते हैं कि यह बिल्कुल अलग माहौल है, और देखना होगा कि वे वहाँ भी प्रदर्शन कर पाते हैं या नहीं। वेर्डर में उनका आत्मविश्वास उस भूमिका से आता है जो उनके इर्द-गिर्द बनाई गई है।

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कहानी की टाइमलाइन

वेर्डर ब्रेमेन में फुलक्रुग की गोल लय · 3 घटनाएँ

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  1. वेर्डर ब्रेमेन में फुलक्रुग लगातार गोल क्यों कर रहे हैं? स्पोर्ट्स साइंटिस्ट की राय

इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।

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