स्कॉटलैंड ने बीवर को मूल प्रजाति मानकर कानूनी सुरक्षा दी
1 मई 2019 को स्कॉटलैंड में बीवर को मूल प्रजाति के रूप में कानूनी सुरक्षा मिली, जिससे उनका प्राकृतिक फैलाव और लाइसेंस के साथ नई जगहों पर स्थानांतरण संभव हुआ।
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1 मई 2019 को स्कॉटलैंड में बीवर को मूल प्रजाति के रूप में कानूनी सुरक्षा मिल गई। स्कॉटिश सरकार ने यह फ़ैसला नवंबर 2016 में घोषित किया था, और एक संक्रमण अवधि के बाद नियम लागू हुए। ब्रिटेन में बीवर का कई सदियों पहले शिकार करके उन्हें विलुप्त कर दिया गया था, मुख्य रूप से उनके फर और गंध ग्रंथियों के लिए।
यह फ़ैसला कई सालों की बहस के बाद आया। 2009 में अरगाइल के नैपडेल में एक आधिकारिक परीक्षण पुनर्वास परियोजना शुरू हुई थी। इससे अलग, टेसाइड में जंगली बीवरों की आबादी बस गई थी, संभवतः भागे हुए या अवैध रूप से छोड़े गए जानवरों से। अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि इन जानवरों को हटाना न व्यावहारिक है और न ही वांछनीय, और इसके बजाय उनका प्रबंधन किया जा सकता है।
सुरक्षित दर्जे के बाद जानबूझकर बीवर को मारना, घायल करना या परेशान करना, या उनके घर (लॉज) को नुकसान पहुँचाना अपराध बन गया। इससे राष्ट्रीय प्रकृति एजेंसी, जिसे तब Scottish Natural Heritage कहा जाता था, को बीवर को नई जगहों पर ले जाने के लाइसेंस देने का अधिकार भी मिला। बाढ़ या फ़सल को नुकसान से प्रभावित किसान और ज़मीन मालिक इन जानवरों के प्रबंधन के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते थे।
इस बदलाव ने बीवर को स्पष्ट कानूनी आधार दिया और स्कॉटलैंड के अन्य हिस्सों में योजनाबद्ध रूप से उन्हें छोड़ने का रास्ता खोला। आगे चलकर इसी से लोक नेस इलाके में बीवर की वापसी जैसी परियोजनाओं को बल मिला।
कहानी की टाइमलाइन
लॉक नेस क्षेत्र में बीवरों की वापसी · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



