पुराने मोज़ों में छिपी 3,000 टारेंटुला: पेरू में दो जर्मन और एक पोलिश गिरफ़्तार
लीमा एयरपोर्ट पर अधिकारियों को जर्मनी जा रहे तीन सूटकेस में 3,000 से ज़्यादा ज़िंदा टारेंटुला मिले। दो जर्मन और एक पोलिश नागरिक गिरफ़्तार हुए।

सोचिए, आप सूटकेस खोलें और एक मोज़ा हिलता दिखे। लीमा एयरपोर्ट के अधिकारियों के साथ ठीक यही हुआ, जब उन्हें पुराने मोज़ों में पैक की गई 3,000 से ज़्यादा टारेंटुला मिलीं। इन जानवरों को जर्मनी भेजा जाना था।
क्या हुआ?
लीमा एयरपोर्ट पर जाँच के दौरान पेरू के अधिकारियों ने तीन सूटकेस खोले। पेरू की वन्यजीव एजेंसी सेरफ़ोर (Serfor) के अनुसार, दो जर्मन और एक पोलिश नागरिक यह सामान लेकर विमान में चढ़ने ही वाले थे। उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया।
सेरफ़ोर की कर्मचारी कोरा सुआरेज़ ने कहा, "जब हमने तलाशी शुरू की, तो हमने देखा कि कुछ मोज़े हिल रहे थे।"
ये मकड़ियाँ पेरू के कई इलाक़ों से लाई गई थीं और अलग-अलग प्रजातियों की थीं। वे जीवन के अलग-अलग चरणों में भी थीं: अंडे, बच्चे और पूरी तरह विकसित वयस्क। सेरफ़ोर के जारी किए वीडियो में दिखता है कि विशेषज्ञों ने उन्हें प्लास्टिक के डिब्बों में रखा।
मकड़ियों की तस्करी क्यों?
पैसे के लिए। यूरोपीय देशों में एक टारेंटुला कई सौ यूरो तक में बिकती है। इसी वजह से अपराधियों के लिए यह अवैध कारोबार फ़ायदे का सौदा है।
ऐसा यह पहला मामला नहीं है। पहले की रिपोर्टों में पेरू के एक आदमी का ज़िक्र था, जिसने स्वेटर के नीचे 300 से ज़्यादा टारेंटुला छिपाकर विमान में ले जाने की कोशिश की थी। कोलोन/बॉन एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों को कुकीज़ की कथित खेप में 1,500 टारेंटुला भी मिली थीं।
आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार, दोनों जर्मन और पोलिश नागरिक पर अब पेरू में आपराधिक कार्रवाई चलेगी।



