ब्रिटनी की 6,500 साल पुरानी क़ब्रों में छिपे हो सकते हैं इंसानी आकार के विशाल पत्थर
फ़्रांस के ब्रिटनी में विशाल दफ़न टीलों की स्कैनिंग कर रहे पुरातत्वविदों को लगता है कि ज़मीन के नीचे इंसानी आकार के और खड़े पत्थर छिपे हैं, करीब 6,500 साल पुराने।

सोचिए, दो हाथियों के वज़न जितना एक पत्थर, जिसे इंसान की आकृति में तराशा गया और फिर एक क़ब्र के अंदर दफ़ना दिया गया। पश्चिमी फ़्रांस में पुरातत्वविदों को बार-बार यही मिल रहा है, और अब उन्हें शक है कि ऐसे और पत्थर मौजूद हैं।
क्या हुआ?
शोधकर्ता ब्रिटनी में त्रेदियों कस्बे के पास कोएबी दफ़न स्थल पर काम कर रहे हैं। यहाँ अब तक 95 प्रागैतिहासिक ढाँचे पहचाने जा चुके हैं, जिनमें खड़े पत्थर, पैसेज ग्रेव (पत्थरों से बने प्रवेश गलियारे वाली क़ब्रें) और मिट्टी के टीले शामिल हैं।
सबसे चौंकाने वाली खोज इंसानी परछाईं जैसे आकार के विशाल खड़े पत्थर हैं। इनमें से एक का वज़न लगभग 10 टन है।
कुछ टीले विशाल हैं, जिनकी लंबाई 80 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर तक है।
हर कोई इसकी चर्चा क्यों कर रहा है?
क्योंकि पत्थर जहाँ रखे गए, वह जगह अनोखी है। खड़े पत्थर आमतौर पर खुले आसमान के नीचे खड़े किए जाते हैं। ये दफ़न टीलों के अंदर रखे गए थे, और इससे बड़ा सवाल उठता है: ये किस काम के थे?
पुरातत्वविद फ़िलिप गुएज़ैं और विवियन माते ने खुदाई किए बिना TRED30 और TRED31 नाम के दो टीलों की जाँच की। उन्होंने इलेक्ट्रिकल रेज़िस्टिविटी माप का इस्तेमाल किया, यानी ऐसा तरीका जो यह देखकर ज़मीन को "पढ़ता" है कि वह बिजली कैसे गुज़ारती है। यह सर्वे लगभग 3,000 वर्ग मीटर में फैला था।
नतीजे बताते हैं कि मिट्टी के नीचे, ख़ासकर टीलों के बीच में, पत्थरों के घने झुंड हैं। इसका मतलब पत्थर की दफ़न कोठरियाँ या और खड़े पत्थर हो सकते हैं।
ये पत्थर इंसानी आकार के हैं या नहीं, यह अभी साफ़ नहीं है।
आगे क्या?
शोधकर्ताओं के मुताबिक ये स्मारक फ़्रांस के दूसरे हिस्सों में मिली पासी-प्रकार की क़ब्रों जैसे दिखते हैं, जो लगभग 6,500 साल पुरानी हैं।
आगे के अध्ययन से यह समझने में मदद मिलने की उम्मीद है कि नवपाषाण (उत्तर पाषाण युग) के समुदाय अपने मृतकों को कैसे दफ़नाते थे। इससे यह भी पता चल सकता है कि उन्होंने क़ब्रों में विशाल पत्थर क्यों रखे।
फ़िलहाल जवाब अब भी धरती के नीचे दबे हैं।



