ट्रांसपोर्ट फॉर वेल्स ने साउथ वेल्स मेट्रो के लिए स्टैडलर के ट्राम-ट्रेन मंगवाए
ट्रांसपोर्ट फॉर वेल्स ने स्विस निर्माता स्टैडलर से साउथ वेल्स मेट्रो की वैलीज़ लाइनों के लिए 36 क्लास 398 सिटीलिंक ट्राम-ट्रेन मंगवाईं।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
ट्रांसपोर्ट फॉर वेल्स (TfW) वेल्श सरकार के स्वामित्व वाली वह संस्था है जो देश की रेल सेवाएँ चलाती है। उसने स्विस निर्माता स्टैडलर से क्लास 398 सिटीलिंक ट्राम-ट्रेनों का बेड़ा मंगवाया। ऑर्डर की तारीख पर रिपोर्टें अलग-अलग हैं: कुछ 2018 बताती हैं, तो कुछ 2019 की शुरुआत में हुए उस अनुबंध का ज़िक्र करती हैं, जिसमें पारंपरिक ट्रेनों का एक बड़ा बैच भी शामिल था। ट्राम-ट्रेन का ऑर्डर तीन डिब्बों वाली 36 यूनिटों का था।
इन वाहनों को मुख्य रेल लाइनों और सड़क जैसी पटरियों, दोनों पर चलने के लिए डिज़ाइन किया गया था। ये दोहरी बिजली व्यवस्था वाली थीं, यानी ऊपरी बिजली तारों या अपनी बैटरी, दोनों से चल सकती थीं, और इनकी अधिकतम रफ़्तार 100 किमी/घंटा थी। इन्हें कार्डिफ़ के उत्तर की वैलीज़ लाइनों पर चलना था, जिनका उन्नयन और विद्युतीकरण साउथ वेल्स मेट्रो के तहत हो रहा था। यह कार्डिफ़ और आसपास की घाटियों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की कई अरब पाउंड की योजना है।
यह ऑर्डर इसलिए मायने रखता था कि ट्राम-ट्रेनें मेट्रो के ज़्यादा बार चलने वाली, तेज़ और आधुनिक सेवाओं के वादे का केंद्रीय हिस्सा थीं। बाद में पता चला कि इस नए तरह के वाहन को बनाने और मंज़ूरी दिलाने, और इसके लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचा पूरा करने में योजना से ज़्यादा समय लगा, और बेड़ा मूल समय-सारणी के कई साल बाद यात्री सेवा में आया।
कहानी की टाइमलाइन
साउथ वेल्स मेट्रो की ट्राम-ट्रेनों में देरी · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



