दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में 5.8 तीव्रता का भूकंप, देश में दर्ज अब तक का सबसे तेज़
12 सितंबर 2016 को ग्योंगजू के पास 5.8 तीव्रता का भूकंप आया, जो दक्षिण कोरिया में अब तक दर्ज सबसे शक्तिशाली था और जिसने भूकंप-जोखिम की बहस बदल दी।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
12 सितंबर 2016 की शाम दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्व में बसे ऐतिहासिक शहर ग्योंगजू के पास 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। इससे करीब एक घंटे पहले 5.1 तीव्रता का एक पूर्व-झटका (फोरशॉक) भी आया था। आधुनिक यंत्रों से माप शुरू होने के बाद यह देश में दर्ज सबसे तेज़ भूकंप था।
झटके सियोल समेत देश के बड़े हिस्से में महसूस किए गए और आफ्टरशॉक कई महीनों तक आते रहे। नुकसान ज़्यादातर इमारतों, सांस्कृतिक विरासत स्थलों (जैसे पारंपरिक घरों की छत की टाइलें) और कुछ बुनियादी ढांचे तक सीमित रहा, और कुछ ही लोग घायल हुए। भूकंप के बाद पास के परमाणु रिएक्टरों को जांच के लिए कुछ समय के लिए बंद भी किया गया।
यह घटना इसलिए अहम रही कि दक्षिण कोरिया को लंबे समय तक कम भूकंपीय जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता था। ग्योंगजू भूकंप और फिर 2017 में 5.4 तीव्रता के पोहांग भूकंप के बाद सरकार ने भूकंप-रोधी डिज़ाइन मानकों की समीक्षा कर उन्हें सख्त किया और अहम सार्वजनिक सुविधाओं के भूकंपीय आकलन का दायरा बढ़ाया। यही हवairअड्डों जैसी संरचनाओं की बाद की समीक्षाओं की पृष्ठभूमि है।
कहानी की टाइमलाइन
इंचियोन एयरपोर्ट की भूकंपीय क्षमता का आकलन · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



