DRDO ने किया प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण, 500 किमी तक है मार
DRDO ने स्वदेशी प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया। ठोस ईंधन वाली यह क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल 150 से 500 किमी दूर तक निशाना साध सकती है।

भारत ने एक और स्वदेशी मिसाइल का परीक्षण किया है, और इस बार खास बात यह है कि इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। गुरुवार को DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, यानी भारत की रक्षा रिसर्च एजेंसी) ने प्रलय मिसाइल के सफल परीक्षण की जानकारी दी।
क्या हुआ?
DRDO ने गुरुवार को प्रलय मिसाइल का परीक्षण किया और इसे एक अहम उपलब्धि बताया। परीक्षण का वीडियो भी खूब शेयर हो रहा है।
प्रलय कम दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। यानी इसे ज़मीन से दागा जाता है और यह ज़मीन पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाती है।
प्रलय में खास क्या है?
यह ठोस ईंधन से चलने वाली क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है। ठोस ईंधन का मतलब आमतौर पर यह होता है कि मिसाइल को तरल ईंधन वाली मिसाइल के मुकाबले जल्दी तैयार किया जा सकता है। "क्वासी-बैलिस्टिक" का मतलब है कि यह पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइल की तरह सीधा आर्क नहीं बनाती, इसलिए दुश्मन की रक्षा प्रणाली के लिए इसे ट्रैक करना मुश्किल होता है।
अब आंकड़े देख लीजिए:
- रेंज: वज़न के हिसाब से 150 से 500 किलोमीटर।
- पेलोड: करीब 500 से 1,000 किलो।
- लॉन्च: मोबाइल लॉन्चर से, जिससे सेना को रणनीतिक लचीलापन मिलता है।
मोबाइल होना बड़ी बात है। जो मिसाइल गाड़ी पर नई जगह पहुंचाकर दागी जा सकती है, उसकी लोकेशन पहले से भांपना दुश्मन के लिए काफ़ी मुश्किल होता है।
पहले क्या हुआ था?
प्रलय का यह पहला परीक्षण नहीं है। DRDO ने इसका पहला उड़ान परीक्षण 22 दिसंबर 2022 को ओडिशा तट के पास एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया था।
फिर 28 जुलाई 2025 को ओडिशा तट से ही लगातार दो उड़ान परीक्षण किए गए, जिनका मकसद मिसाइल के प्रदर्शन को परखना था।
गुरुवार का परीक्षण इसी सिलसिले की नई कड़ी है। मिसाइल स्वदेशी है, यानी इसे भारत में ही डिज़ाइन और तैयार किया गया है।
आगे क्या?
ताज़ा रिपोर्टों में यह नहीं बताया गया कि प्रलय कब सेवा में शामिल होगी, इसलिए हम सिर्फ़ पुष्ट जानकारी पर ही टिके हैं। इतना साफ़ है कि DRDO इस मिसाइल को लगातार परख रहा है, और 500 किमी की रेंज के साथ मोबाइल लॉन्च सबसे ज़्यादा चर्चा में है।
कहानी की टाइमलाइन
DRDO की प्रलय मिसाइल के परीक्षण · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



