डीआरडीओ ने ओडिशा तट से प्रलय मिसाइल के लगातार दो परीक्षण किए
भारत के रक्षा अनुसंधान संगठन डीआरडीओ ने 28 जुलाई 2025 को ओडिशा तट से प्रलय मिसाइल के लगातार दो उड़ान परीक्षण किए।
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28 जुलाई 2025 को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), यानी सरकारी सैन्य शोध एजेंसी, ने प्रलय मिसाइल के लगातार दो उड़ान परीक्षण किए। ये प्रक्षेपण पूर्वी भारत में ओडिशा के तट के पास स्थित परीक्षण केंद्र से किए गए।
प्रलय स्वदेशी रूप से विकसित, ठोस ईंधन वाली अर्ध-बैलिस्टिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। इसे कम दूरी के लक्ष्यों पर हमले के लिए बनाया गया है और पेलोड के अनुसार इसकी मारक क्षमता लगभग 150 से 500 किलोमीटर है। लगातार हुए इन प्रक्षेपणों का उद्देश्य मिसाइल के प्रदर्शन तथा उसकी मार्गदर्शन और नियंत्रण प्रणाली को परखना था।
सरकार के अनुसार परीक्षण अपने लक्ष्यों में सफल रहे। उड़ान मार्ग पर लगे ट्रैकिंग उपकरणों ने मिसाइलों पर नज़र रखी और अधिकारियों ने प्रणाली की विश्वसनीयता की पुष्टि की। ये परीक्षण इसलिए अहम थे क्योंकि वे स्वदेशी पारंपरिक हथियार बनाने और आयात पर निर्भरता घटाने की भारत की कोशिश का हिस्सा थे, और इनसे प्रलय के सशस्त्र बलों में शामिल होने की राह आगे बढ़ी।
कहानी की टाइमलाइन
DRDO की प्रलय मिसाइल के परीक्षण · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



