प्रेस जाँच में लोद्ज़ एम्बुलेंस के 'स्किन हंटर्स' घोटाले का खुलासा
2002 में प्रेस रिपोर्टों से पता चला कि लोद्ज़ के एम्बुलेंस कर्मी मरीज़ों की मौत की खबर अंतिम संस्कार कंपनियों को बेचते थे, और कुछ ने शायद मौत का कारण भी बनाया।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
2002 की शुरुआत में पोलैंड के पत्रकारों ने बताया कि मध्य पोलैंड के बड़े शहर लोद्ज़ की आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के कुछ कर्मचारी मरीज़ों की मौत की जानकारी अंतिम संस्कार कराने वाली कंपनियों को बेच रहे थे। यह मामला "स्किन हंटर्स" (łowcy skór) कांड के नाम से जाना गया। यह एक बोलचाल का शब्द था, जो लाशों से कमाई करने वालों के लिए इस्तेमाल होता था।
सबसे गंभीर आरोप सिर्फ़ जानकारी बेचने तक सीमित नहीं था। रिपोर्टिंग में कहा गया कि कुछ पैरामेडिक्स ने शायद जानबूझकर मरीज़ों की मौत जल्दी करवाई या उसका कारण बने, ताकि अंतिम संस्कार कंपनियाँ यह पहले से पता चलने पर पैसे दें कि किसकी मौत हुई है। अभियोजकों ने जाँच शुरू की, और बाद में कई लोगों को हिरासत में लिया गया और उन पर मुकदमा चला।
इस मामले से पूरे देश में सदमा फैल गया। आपातकालीन चिकित्सा सेवा पर लोगों का भरोसा घटा, एम्बुलेंस दलों और अंतिम संस्कार के कारोबार की निगरानी पर बहस छिड़ी, और यह कम्युनिस्ट शासन के बाद के पोलैंड की सबसे मशहूर खोजी पत्रकारिता में से एक बन गया। बाद की किताबों और फ़िल्मों में भी इसका ज़िक्र होता रहा, और अब इस पर एक टीवी सीरीज़ की योजना है।
कहानी की टाइमलाइन
लोज़ के स्किन हंटर्स कांड पर नेटफ्लिक्स सीरीज़ · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



