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प्रणव वेंकटेश 15 वर्ष की उम्र में भारत के 75वें शतरंज ग्रैंडमास्टर बने

2022 में चेन्नई के 15 वर्षीय प्रणव वेंकटेश ने अंतिम नॉर्म पूरा कर भारत के 75वें शतरंज ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया।

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यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।

तमिलनाडु के चेन्नई के किशोर प्रणव वेंकटेश ने 2022 में ग्रैंडमास्टर खिताब हासिल किया और शतरंज की इस सर्वोच्च उपाधि तक पहुँचने वाले भारत के 75वें खिलाड़ी बने। उस समय उनकी उम्र 15 वर्ष थी।

विश्व शतरंज महासंघ फिडे का ग्रैंडमास्टर खिताब पाने के लिए तीन "नॉर्म" यानी मज़बूत प्रतिद्वंद्वियों के विरुद्ध उत्कृष्ट टूर्नामेंट प्रदर्शन और कम से कम 2500 की रेटिंग ज़रूरी होती है। प्रणव ने ये नॉर्म कई टूर्नामेंटों में हासिल किए, जिनमें 2021 में सर्बिया का एक ओपन टूर्नामेंट, 2022 में हंगरी का एक टूर्नामेंट और रोमानिया का लिम्पेडिया कप शामिल हैं, जहाँ उन्होंने यह सिलसिला पूरा किया। हंगरी में दूसरे नॉर्म के साथ उनकी रेटिंग भी 2500 के पार पहुँची थी।

यह उपलब्धि इसलिए अहम रही कि इससे भारत के तेज़ी से बढ़ते ग्रैंडमास्टरों के समूह में एक और युवा प्रतिभा जुड़ी। यही प्रणव के जूनियर शतरंज में उभार की शुरुआत भी थी, जिसने आगे चलकर उन्हें 2025 की विश्व जूनियर चैम्पियनशिप समेत बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाए।

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प्रणव वेंकटेश का वर्ल्ड जूनियर ब्लिट्ज खिताब · 2 घटनाएँ

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  1. प्रणव वेंकटेश 15 वर्ष की उम्र में भारत के 75वें शतरंज ग्रैंडमास्टर बने

इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।

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