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कोसिन्याक-कामिश ने संवैधानिक न्यायाधिकरण पर संवैधानिक 'रीसेट' का बिल रखा

पीएसएल नेता व्लादिस्लाव कोसिन्याक-कामिश ने संवैधानिक न्यायाधिकरण की संरचना बदलने वाला संशोधन प्रारूप पेश किया और विपक्ष से समर्थन माँगा।

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यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।

4 नवंबर 2026 को पोलिश पीपुल्स पार्टी (PSL) के नेता और डोनाल्ड टस्क की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के वरिष्ठ चेहरे व्लादिस्लाव कोसिन्याक-कामिश ने संविधान संशोधन का एक प्रारूप पेश किया। उन्होंने इसे संवैधानिक "रीसेट" बताया। यह बिल संवैधानिक न्यायाधिकरण की मौजूदा संरचना को बदल देगा। यह वह अदालत है जो जाँचती है कि कानून संविधान के अनुरूप हैं या नहीं।

यह न्यायाधिकरण 2015 से पोलैंड में राजनीतिक और कानूनी विवाद के केंद्र में है, जब पूर्ववर्ती लॉ एंड जस्टिस (PiS) सरकार के समय की गई नियुक्तियों पर आपत्ति उठी थी। मौजूदा सरकार और कई कानून-विशेषज्ञ इस अदालत को अनुचित ढंग से गठित मानते हैं, और इसके फ़ैसलों को अक्सर मान्यता नहीं दी जाती। सामान्य कानूनों से यह मसला हल नहीं हुआ है।

संविधान बदलने के लिए सेम, यानी संसद के निचले सदन, में दो-तिहाई बहुमत चाहिए। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास अकेले यह बहुमत नहीं है। इसीलिए कोसिन्याक-कामिश ने दक्षिणपंथी पार्टी कॉन्फ़ेडेरात्स्या और रोज़्वुय प्लस से समर्थन की अपील की। इस प्रस्ताव से बातचीत का नया दौर शुरू हुआ है कि क्या विपक्ष न्यायाधिकरण को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करने में मदद करेगा।

कहानी की टाइमलाइन

PSL का संवैधानिक रीसेट और कॉन्फ़ेडेरात्सिया से बातचीत · 3 घटनाएँ

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  1. कोसिन्याक-कामिश ने संवैधानिक न्यायाधिकरण पर संवैधानिक 'रीसेट' का बिल रखा

इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।

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