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मोज़े दान वाली पोस्ट पर मंत्रालय की शिकायत, एरसान डायमंड ने माफ़ी मांगी

तुर्की के सोशल मीडिया स्टार एरसान डायमंड की मोज़े बेचकर सरकारी संरक्षण वाले बच्चों को दान देने की पोस्ट पर मंत्रालय ने शिकायत दर्ज की। डायमंड ने माफ़ी मांगी।

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Sosyal medya fenomeni Ersan Diamond'ın bir futbol maçı tribününde telefonuyla çekilmiş paylaşımını temsil eden görsel.
तस्वीर: CNN TÜRK

एक फ़ुटबॉल मैच में पहने गए मोज़े, एक मंत्रालय का बयान, एक आपराधिक शिकायत और आख़िर में एक माफ़ी। तुर्की के सोशल मीडिया स्टार एरसान डायमंड की पोस्ट कुछ ही समय में काफ़ी दूर पहुँच गई।

क्या हुआ?

डायमंड ने बताया कि वे फ़ेनेरबाहचे-लिवरपूल मैच में पहने अपने मोज़े ऊँची कीमत पर बेचेंगे। उन्होंने कहा कि इससे मिलने वाली रकम सरकारी संरक्षण में रह रहे बच्चों को दान की जाएगी। पोस्ट में उन्होंने परिवार और सामाजिक सेवा मंत्रालय के आधिकारिक अकाउंट भी टैग किए।

मंत्रालय ने लिखित बयान जारी कर आपत्ति जताई। उसने कहा कि सरकारी संरक्षण वाले बच्चों को इस तरह के दान अभियान से जोड़ना स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद मंत्रालय ने शिकायत दर्ज करा दी।

शिकायत का आधार क्या है?

मंत्रालय ने माँग की कि पोस्ट को तुर्की दंड संहिता (TCK) की धारा 301 के तहत देखा जाए, यानी तुर्की राज्य का सार्वजनिक रूप से अपमान करने के अपराध के दायरे में।

इस प्रक्रिया में आगे की किसी कार्रवाई की जानकारी साझा नहीं की गई है।

डायमंड ने क्या कहा?

डायमंड ने बयान जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि उनकी पोस्ट पूरी तरह हास्य और व्यंग्य में थी। मक़सद लोगों को दान के लिए प्रेरित करना और बच्चों की मदद को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। उन्होंने बताया कि अपने जूतों के साथ पहले की ऐसी पोस्ट को काफ़ी ध्यान मिला था, इसलिए इस बार भी वही तरीक़ा आज़माया।

मंत्रालय को टैग करने की वजह भी उन्होंने बताई: वे याद दिलाना चाहते थे कि बच्चों के लिए मदद सिर्फ़ कुछ ख़ास संस्थाओं तक सीमित नहीं है, सरकारी संस्थाओं के ज़रिए भी सहयोग दिया जा सकता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि सरकारी संरक्षण वाले बच्चों को सीधे अपने दान से जोड़ना उनका इरादा नहीं था।

डायमंड ने कहा कि उन्हें दुख है कि पोस्ट को अनजाने में ग़लत समझा गया, और उन्होंने सच्चे मन से माफ़ी मांगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य, उसकी संस्थाओं या संरक्षण में रह रहे बच्चों को नीचा दिखाने का उनका कोई इरादा नहीं था।

अब आगे क्या होगा?

शिकायत का क्या होगा, यह अभी साफ़ नहीं है। माफ़ी का इस प्रक्रिया पर कोई असर होगा या नहीं, इस बारे में भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हम आगे की ख़बरों पर नज़र रखेंगे।

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