1970 में फ्रांस में रिलीज़ हुई शाबरोल की थ्रिलर 'ल बुशे'
क्लॉड शाबरोल की 1970 की थ्रिलर 'ल बुशे' में हत्याओं के शक के घेरे में एक गाँव का कसाई और ग्रामीण फ्रांस की स्कूल टीचर आमने-सामने हैं।
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ल बुशे (Le Boucher, यानी कसाई) क्लॉड शाबरोल द्वारा निर्देशित एक फ्रेंच थ्रिलर है, जो 1970 में रिलीज़ हुई। कहानी दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के दोर्दोन्य इलाके के एक छोटे से गाँव की है, जहाँ कई युवतियों की हत्या हो जाती है।
फ़िल्म दो लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है: गाँव की स्कूल टीचर एलेन, जिसका किरदार स्टेफ़ान ऑद्रां ने निभाया है, और गाँव का कसाई पोपोल, जिसे जॉं यान ने निभाया है। दोनों के बीच एक शांत, झिझकभरी दोस्ती बन जाती है। धीरे-धीरे एलेन को शक होने लगता है कि पोपोल ही कातिल हो सकता है, फिर भी वह उसकी ओर खिंचती है और कुछ करने से हिचकती है। शाबरोल इस कहानी को "कातिल कौन" वाली पहेली से ज़्यादा दो अकेले लोगों के बीच चाहत, अपराधबोध और अनकही समझ का अध्ययन बनाते हैं।
यह फ़िल्म शाबरोल के सबसे मशहूर दौर के बीच की है, जब उन्होंने फ्रांस के प्रांतीय जीवन पर सटीक और व्यंग्य भरी क्राइम ड्रामा फ़िल्मों की एक कड़ी बनाई। इसे अक्सर उनकी सबसे बेहतरीन कृतियों में गिना जाता है, और इसने उन्हें हिचकॉक की शैली के फ्रेंच उस्ताद के रूप में स्थापित करने में मदद की। ग्रामीण माहौल, घरेलू बारीकियों और नैतिक उलझन के मेल के कारण यह उन बाद के निर्देशकों के लिए बार-बार संदर्भ बनी, जिन्होंने छोटे समुदायों में अपराध कथाएँ रचीं।
कहानी की टाइमलाइन
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इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



