स्पेन की कंपनियां बीमारी की छुट्टी का खर्च छोड़कर कंट्रोल मुतुआस को देना चाहती हैं
स्पेन के 10 में से 8 नियोक्ता बीमारी की छुट्टी के नियम बदलवाना चाहते हैं, पर चैंबर ऑफ कॉमर्स की स्टडी के मुताबिक 85% के पास रोकथाम के प्रोटोकॉल ही नहीं हैं।

स्पेन के नियोक्ता अब बीमारी की छुट्टी का बिल भरना नहीं चाहते। Cámara de Comercio (स्पेन के चैंबर ऑफ कॉमर्स) की एक स्टडी के मुताबिक 80% कारोबारी कानून में सुधार की मांग कर रहे हैं।
उनका प्रस्ताव है कि बीमारी की छुट्टी का नियंत्रण मुतुआस को सौंप दिया जाए। ये नियोक्ताओं के पैसे से चलने वाली आपसी बीमा संस्थाएं हैं, जो कर्मचारियों के बीमारी संबंधी कवर को संभालती हैं। बताया गया मकसद एब्सेंटीज़्म यानी कर्मचारियों की गैरहाज़िरी को घटाना है।
लेकिन एक पेच है। इसी स्टडी में सामने आया कि 85% नियोक्ता मानते हैं कि उन्होंने रोकथाम के प्रोटोकॉल लागू नहीं किए हैं। यानी ज़्यादातर चाहते हैं कि नियम बदलें, पर बहुत कम ने खुद ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे छुट्टियां पहले ही कम हों।
आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनियां कानून से जो चाहती हैं और जो वे अपने दफ्तरों में खुद कर रही हैं, उनके बीच फासला है। स्पेन में अगर आपने कभी बीमारी की छुट्टी ली है, तो यह बहस देखने लायक है।



