राष्ट्रपति नवरोत्स्की ने पोलैंड में ईंधन कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स को मंज़ूरी दी
पोलैंड के राष्ट्रपति ने अक्टूबर 2026 की शुरुआत में ईंधन कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफ़े पर टैक्स वाले कानून पर दस्तख़त किए और उसे संवैधानिक न्यायाधिकरण को भेजा।
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अक्टूबर 2026 की शुरुआत में राष्ट्रपति करोल नवरोत्स्की ने ईंधन कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफ़े पर विंडफॉल टैक्स लगाने वाले कानून पर दस्तख़त कर दिए। साथ ही उन्होंने इसे बाद की समीक्षा के लिए संवैधानिक न्यायाधिकरण (पोलैंड की सर्वोच्च संवैधानिक अदालत) को भेज दिया। इस समीक्षा से कानून का अमल नहीं रुकता।
यह उनके पहले के रुख़ से उलट कदम है। जुलाई में नवरोत्स्की ने बिल का पहला मसौदा दस्तख़त करने से पहले ही न्यायाधिकरण को भेज दिया था, जिससे कोई कानून लंबे समय तक अटक सकता है। उनकी मुख्य आपत्ति यह थी कि टैक्स मार्च 2026 से कमाए मुनाफ़े पर पिछली तारीख़ से लागू होता। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की अगुवाई वाली सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन ने इस फ़ैसले की आलोचना की। इसके बाद संसद के निचले सदन सेइम ने बिल दोबारा पास किया और सीनेट ने बिना संशोधन के उसे मंज़ूरी दे दी।
यह कानून तरल ईंधन की बिक्री से हुए उस मुनाफ़े को निशाना बनाता है जो कंपनियों के 2025 के मार्जिन पर आधारित एक स्तर से ऊपर है। यह सीमित अवधि के लिए है और 2027 की शुरुआत तक चलेगा। यह इसलिए अहम है कि इससे सरकारी बजट को अतिरिक्त आमदनी मिलती है और इसका सीधा असर सरकार-नियंत्रित रिफ़ाइनर ओरलेन और दूसरी ईंधन कंपनियों पर पड़ता है। राष्ट्रपति कार्यालय का तर्क था कि कंपनियाँ यह बोझ वाहन चालकों पर डाल सकती हैं।
कहानी की टाइमलाइन
Orlen का विंडफॉल टैक्स और निवेश परिदृश्य · 2 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



