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रेलवे 8 शहरों में देगा घर से घर तक पार्सल सेवा, जानें बुकिंग और चार्ज

भारतीय रेलवे 'रेल पार्सल ऐप' लाने की तैयारी में है, जिससे 8 बड़े शहरों में घर से पार्सल पिकअप और डिलीवरी मिलेगी। जानें बुकिंग और भुगतान के नियम।

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A railway worker loads cardboard parcels onto a parcel van at an Indian railway station platform.
तस्वीर: The Indian Express

ट्रेन से पार्सल भेजने के लिए अब शायद स्टेशन के चक्कर न लगाने पड़ें। रेल मंत्रालय 'रेल पार्सल ऐप – घर से घर तक' बना रहा है, जो iOS, Android और वेब पर चलेगा। रेलवे बोर्ड के मुताबिक यह पहले 8 शहरों में शुरू होगा, लेकिन तारीख अभी तय नहीं है। जानिए यह कैसे काम करेगा।

1. शुरुआत 8 शहरों से

पहले चरण में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे शामिल हैं। CRIS (रेलवे की IT एजेंसी) के टेस्ट रन पूरे होने के बाद जोनल रेलवे को तारीख बताई जाएगी।

2. पिकअप और डिलीवरी लॉजिस्टिक्स पार्टनर के हाथ में

लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर (LSP) घर से पार्सल उठाएंगे और आखिरी पड़ाव तक पहुंचाएंगे। अगर आप दोनों सेवाएं लेते हैं, तो दोनों एक ही LSP देगा।

3. मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन

बुकिंग के लिए वैध मोबाइल नंबर से यूजर आईडी बनानी होगी। रिफंड के लिए LSP को बैंक डिटेल देनी होगी और उसकी रिफंड पॉलिसी माननी होगी।

4. 15 दिन पहले तक बुकिंग

पार्सल ट्रेन के रवाना होने से कम से कम एक दिन पहले बुकिंग जरूरी है, और यह जगह की उपलब्धता पर निर्भर है। LSP को पार्सल ट्रेन छूटने से 12 घंटे से 1 घंटे पहले तक रेलवे स्टाफ को सौंपना होगा।

5. कागजी काम डिजिटल

आपकी बुकिंग ही डिजिटल फॉरवर्डिंग नोट होगी और ई-वे बिल अंडरटेकिंग भी डिजिटल दर्ज होगी। GST नियमों के हिसाब से पिकअप-डिलीवरी के लिए ई-वे बिल फिर भी लग सकता है।

6. पैकिंग और प्रतिबंधित सामान

पार्सल ठीक से पैक होना चाहिए। खतरनाक, विस्फोटक, ज्वलनशील और प्रतिबंधित सामान नहीं लिया जाएगा। कुछ सामान की खास पैकिंग LSP करेगा। बाकी सामान आप खुद पैक कर सकते हैं या LSP की सेवा ले सकते हैं।

7. चार्ज कैसे तय होंगे

किराया ट्रेन की श्रेणी, दूरी, वजन और आकार पर निर्भर करेगा। ऐप में रेलवे और LSP के चार्ज अलग दिखेंगे। बीच रास्ते में सामान बदलने पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। वैकल्पिक बीमा सिर्फ रेल यात्रा वाले हिस्से पर लागू होगा।

8. एक भुगतान, दो GST इनवॉइस

भुगतान एक बार में UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से होगा। रेलवे और LSP अपनी-अपनी GST इनवॉइस अलग देंगे।

9. ट्रैकिंग और OTP

ऐप में पार्सल ट्रैक कर सकेंगे और स्टेटस बदलने पर नोटिफिकेशन मिलेगा। पार्सल लेते या देते समय OTP लगेगा। होम डिलीवरी न चुनी हो तो तय समय में पार्सल लें, वरना वार्फेज (भंडारण) शुल्क लगेगा।

अगर सब योजना के मुताबिक चला, तो रेल से पार्सल भेजना ऑनलाइन ऑर्डर जितना आसान हो सकता है।

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