FDA ने मोटापे के इलाज के लिए एली लिली की टिरज़ेपेटाइड (ज़ेपबाउंड) को मंज़ूरी दी
8 नवंबर 2023 को अमेरिकी FDA ने एली लिली की दोहरे असर वाली दवा टिरज़ेपेटाइड को ज़ेपबाउंड नाम से वज़न प्रबंधन के लिए मंज़ूरी दी।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
8 नवंबर 2023 को अमेरिकी फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA, अमेरिका का दवा नियामक) ने एली लिली की दवा टिरज़ेपेटाइड को मोटापे से पीड़ित वयस्कों, या अधिक वज़न वाले और वज़न से जुड़ी कम से कम एक बीमारी वाले वयस्कों में दीर्घकालिक वज़न प्रबंधन के लिए मंज़ूरी दी। यह ज़ेपबाउंड नाम से बेची गई।
टिरज़ेपेटाइड मोटापे की पहली मंज़ूर दवा थी जो आंत के दो हार्मोन, GIP और GLP-1, पर असर करती है। नोवो नॉर्डिस्क की सेमाग्लूटाइड (वेगोवी और ओज़ेम्पिक) जैसी पहले की दवाएँ केवल GLP-1 पर काम करती हैं। यही अणु 2022 में टाइप 2 मधुमेह के लिए मounjaro नाम से मंज़ूर हो चुका था। मंज़ूरी SURMOUNT क्लिनिकल ट्रायल पर आधारित थी, जिनमें प्रतिभागियों का शरीर के वज़न का बड़ा हिस्सा घटा; अधिक खुराक वाले समूहों में अक्सर लगभग 20 प्रतिशत।
यह फ़ैसला इसलिए अहम रहा कि इससे मरीज़ों और डॉक्टरों को सेमाग्लूटाइड का विकल्प मिला और लिली तथा नोवो नॉर्डिस्क के बीच होड़ तेज़ हुई। इसने दवा से वज़न घटाने का नया मानक भी तय किया, जिसे बाद की दवाएँ मांसपेशियों के नुकसान, दुष्प्रभाव और लागत जैसी चिंताओं को संभालते हुए पार करने की कोशिश कर रही हैं।
कहानी की टाइमलाइन
Ozempic के बाद मोटापे की नई दवाएं · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।
