Mulemo.
स्वास्थ्यपृष्ठभूमि

रॉयल फ्री अस्पताल में इबोला से संक्रमित ब्रिटिश स्वास्थ्यकर्मियों का इलाज, 2014-15

2014-15 में पश्चिम अफ़्रीका के इबोला प्रकोप में संक्रमित कई ब्रिटिश स्वास्थ्यकर्मियों को लंदन लाकर इलाज दिया गया, और सभी बच गए।

1 मिनट पढ़ना

यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।

पश्चिम अफ़्रीका में 2014-15 की इबोला महामारी, जो अब तक की सबसे भयानक थी, के दौरान कई ब्रिटिश स्वास्थ्यकर्मी सिएरा लियोन में मरीज़ों का इलाज करते हुए वायरस की चपेट में आ गए। उनका इलाज उत्तरी लंदन के रॉयल फ्री अस्पताल में हुआ, जहाँ ख़तरनाक संक्रामक बीमारियों के लिए बनी उच्च-स्तरीय आइसोलेशन यूनिट है।

सबसे पहले विलियम पूली थे, जो सफ़ोक के एक नर्स हैं। वे सिएरा लियोन में बीमार पड़े और अगस्त 2014 में उन्हें विमान से ब्रिटेन लाया गया। उन्हें प्रायोगिक दवा ZMapp दी गई और कुछ हफ़्तों में छुट्टी मिल गई। बाद में वे काम जारी रखने के लिए पश्चिम अफ़्रीका लौट गए।

पॉलीन कैफ़र्की, स्कॉटलैंड की एक नर्स, जिन्होंने सिएरा लियोन में सेव द चिल्ड्रन के साथ काम किया था, में 2014 के अंत में ग्लासगो में संक्रमण की पुष्टि हुई और नए साल में उन्हें रॉयल फ्री लाया गया। वे ठीक हो गईं, हालाँकि बाद में वायरस से जुड़ी जटिलताओं के कारण वे फिर गंभीर रूप से बीमार हुईं। सेना की मेडिक एना क्रॉस का भी 2015 में संभावित संपर्क के बाद वहीं इलाज हुआ, और वे ठीक हो गईं।

इन मामलों ने दिखाया कि ब्रिटेन संक्रमित कर्मचारियों को विमान से लाकर सुरक्षित इलाज दे सकता है। साथ ही हवाई अड्डों पर जाँच और लौटने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी कैसे हो, इस पर बहस भी छिड़ी।

कहानी की टाइमलाइन

DR कांगो में इबोला प्रकोप और ब्रिटेन का मामला · 3 घटनाएँ

पूरी टाइमलाइन देखें →
  1. रॉयल फ्री अस्पताल में इबोला से संक्रमित ब्रिटिश स्वास्थ्यकर्मियों का इलाज, 2014-15

इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।

और पढ़ें: स्वास्थ्य

सब देखें →