बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दर बढ़ाकर 5.25% की, 2008 के बाद सबसे ऊँची
3 अगस्त 2023 को बैंक ऑफ इंग्लैंड ने बैंक रेट बढ़ाकर 5.25% कर दी। यह लगातार 14वीं बढ़ोतरी थी और 15 साल से ज़्यादा में सबसे ऊँचा स्तर।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
3 अगस्त 2023 को बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee), यानी वह पैनल जो ब्रिटेन में ब्याज दरें तय करता है, ने बैंक रेट को चौथाई प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5% से 5.25% कर दिया। यह लगातार 14वीं बढ़ोतरी थी और इससे उधारी की लागत 2008 की शुरुआत के बाद के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई।
बढ़ोतरी की शुरुआत दिसंबर 2021 में हुई, जब बैंक रेट रिकॉर्ड निचले स्तर 0.1% से बढ़कर 0.25% हुई। इसके बाद यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ऊर्जा की कीमतों, आपूर्ति में रुकावटों और तंग श्रम बाज़ार की वजह से महंगाई तेज़ी से बढ़ी। उपभोक्ता मूल्य महंगाई 2022 के अंत में 11% से ऊपर पहुँच गई और 2023 की गर्मियों में भी बैंक के 2% के लक्ष्य से काफ़ी ऊपर थी।
इस फ़ैसले से परिवारों और कारोबारों के लिए होम लोन और अन्य कर्ज़ महंगे हो गए, ख़ासकर उन घर मालिकों के लिए जिनके सस्ते फ़िक्स्ड-रेट सौदे ख़त्म हो रहे हैं। वहीं बचत करने वालों को बेहतर रिटर्न मिला। बैंक ने कहा कि वह महंगाई को वापस लक्ष्य तक लाने के लिए दरों को पर्याप्त ऊँचा और पर्याप्त समय तक बनाए रखेगा। सितंबर 2023 से उसने बैंक रेट 5.25% पर बनाए रखी, और यही सख़्ती के दौर का शिखर बना, फिर 2024 में कटौती शुरू हुई।
कहानी की टाइमलाइन
बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दर बढ़ोतरी · 4 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



